(Manoj Bind)
भारतीय अर्थब्यवस्था से जुड़ी प्रमुख क्रांतियां एक दृष्टि मेंः
हरित क्रांति- भारतीय अर्थब्यवस्था में योजना अवकाष की समयावधि में खाद्यान्न उत्पादन से सम्बंधित जिस कार्यक्रम को प्रारम्भ किया गया विलियम गाॅड ने इसे ही हरितक्रंाति शब्द से संबोधित किया। विष्व अर्थब्यवस्था के संदर्भ में हरितक्रांति के जन्मदाता नार्मन ई. बोरलाॅग को माना जाता है। जबकि भारतीय हारित क्रा्रांति का जन्मदाता एम. एस. स्वामीनाथन को माना जाता है। भारतीय अर्थब्यवस्था में हरित क्रांति के फलस्वरूप गेहूॅं के उत्पादन में अत्यधिक बृद्धि दर्ज की गई। चावल का उत्पादन लगभग स्थिर बना रहा। जबकि मोटे अनाजों के उत्पादन में कमी आयी । ध्यान देने योग्य बात यह है कि मोटे अनाजों में ज्वार, बाजरा इत्यादि को सम्मिलित किया जाना है।
स्वेतक्रांति अथवा धवल क्रांति- श्वेत क्रांति का प्रारम्भ 1970 ई. में किया गया जबकि श्वेतक्रांति का जन्मदाता वर्गिज कुरियन हैं। एक विषेष तथ्य यह है कि दुग्ध उत्पादन में भारत का स्थान प्रथम है, जबकि दूध से बने पदार्थों जैसेश् पनीर, मक्खन, घी, इत्यादि के उत्पादन में डेनमार्क का स्थान प्रथम है।
नीली क्रांति- नीली क्रांति का सम्बंध मछली उत्पादन से है।
गुलाबी क्रांति-गुलाबी क्रांति का सम्बंध झींगा मछली के उत्पादन से है।
भूरी क्रांति- भूरी क्रांति का सम्बंध खाद्य प्रसंस्करण से है। कच्चे पदार्थों को रासायनिक अभिक्रिया के माध्यम से लम्बी समयावधि तक सुरक्षित रखने की प्िरक्रया को खाद्यप्रसंस्करण कहा जाता है। उदहाहरण के लिए डिब्बा बंद भोज्यपदार्थ, फलों से जैम अथवा जेली बनाना।
ग्रीन गोल्ड- ग्रीनगोल्ड क्रांति का सम्बंध चाय के उत्पादन से है।
ग्रे क्रांति- ग्रे क्रांति का सम्ब्ंाध उर्वरक उत्पादन से है।
रजत क्रांति- रजत क्रांति का सम्बंध अण्डे के उत्पादन से है।
स्वर्ण क्रांति- स्वर्ण का्रांति का सम्बंध फलों के उत्पादन से है।
पीली क्रांति- पीली क्रांति का सम्बंध तिलहन उत्पादन से है। पीली क्रांति का सर्वाधिक प्रभाव सरसों उत्पादन पर पड़ा।
काली क्रांति- काली क्रांति का सम्बंध सीरा युक्त पेट्रोलियन पदार्थों के उत्पादन से है।
गोल क्रांति- गोल क्रांति का सम्बंध आलू के उत्पादन से है।
मूक क्रांति- मूक क्रांति का सम्बंध मोटे अनाजों के उत्पादन से है। जबकि राज्यों के संदर्भ में मूक क्रांति का सम्बंध मध्य प्रदेष के तिव्रतम विकास से है।
बादामी क्रांति- बादामी क्रांति का सम्बंध मसालों के उत्पादन एवं मसालों के निर्यात से है।
एन.एच. क्रांति - इस क्रांति का सम्बंध स्वर्णिम चतुर्भुज सड़क परियोजना से है। स्मरणीय तथ्य यह है कि स्वर्णिम चतुर्भुज सड़क परियोजना का प्रारम्भ राकेष मोहन समिति की सिफारिष पर किया गया।
अमृत क्रांति- अमृत क्रांति का सम्बंध नदियों को आपस में जोड़ने से सम्बंधित परियोजना से है।
सदाबहार क्रांति- सदाबहार क्रांति का सम्बंध जैव तकनीकि के द्वारा कृषि उत्पादन में बृद्धिसे है।
इन्द्रधनुषी क्रांति- इन्द्रधनुषी क्रांति का सम्बंध पहले से चली आ रही क्रांतियों के सम्मिलित स्वरूप से है।
लाल क्रांति- लाल क्रांति का सम्बंध मांस/टमाटर उत्पादन दोनों से है।
भारतीय अर्थब्यवस्था से जुड़ी प्रमुख क्रांतियां एक दृष्टि मेंः
हरित क्रांति- भारतीय अर्थब्यवस्था में योजना अवकाष की समयावधि में खाद्यान्न उत्पादन से सम्बंधित जिस कार्यक्रम को प्रारम्भ किया गया विलियम गाॅड ने इसे ही हरितक्रंाति शब्द से संबोधित किया। विष्व अर्थब्यवस्था के संदर्भ में हरितक्रांति के जन्मदाता नार्मन ई. बोरलाॅग को माना जाता है। जबकि भारतीय हारित क्रा्रांति का जन्मदाता एम. एस. स्वामीनाथन को माना जाता है। भारतीय अर्थब्यवस्था में हरित क्रांति के फलस्वरूप गेहूॅं के उत्पादन में अत्यधिक बृद्धि दर्ज की गई। चावल का उत्पादन लगभग स्थिर बना रहा। जबकि मोटे अनाजों के उत्पादन में कमी आयी । ध्यान देने योग्य बात यह है कि मोटे अनाजों में ज्वार, बाजरा इत्यादि को सम्मिलित किया जाना है।
स्वेतक्रांति अथवा धवल क्रांति- श्वेत क्रांति का प्रारम्भ 1970 ई. में किया गया जबकि श्वेतक्रांति का जन्मदाता वर्गिज कुरियन हैं। एक विषेष तथ्य यह है कि दुग्ध उत्पादन में भारत का स्थान प्रथम है, जबकि दूध से बने पदार्थों जैसेश् पनीर, मक्खन, घी, इत्यादि के उत्पादन में डेनमार्क का स्थान प्रथम है।
नीली क्रांति- नीली क्रांति का सम्बंध मछली उत्पादन से है।
गुलाबी क्रांति-गुलाबी क्रांति का सम्बंध झींगा मछली के उत्पादन से है।
भूरी क्रांति- भूरी क्रांति का सम्बंध खाद्य प्रसंस्करण से है। कच्चे पदार्थों को रासायनिक अभिक्रिया के माध्यम से लम्बी समयावधि तक सुरक्षित रखने की प्िरक्रया को खाद्यप्रसंस्करण कहा जाता है। उदहाहरण के लिए डिब्बा बंद भोज्यपदार्थ, फलों से जैम अथवा जेली बनाना।
ग्रीन गोल्ड- ग्रीनगोल्ड क्रांति का सम्बंध चाय के उत्पादन से है।
ग्रे क्रांति- ग्रे क्रांति का सम्ब्ंाध उर्वरक उत्पादन से है।
रजत क्रांति- रजत क्रांति का सम्बंध अण्डे के उत्पादन से है।
स्वर्ण क्रांति- स्वर्ण का्रांति का सम्बंध फलों के उत्पादन से है।
पीली क्रांति- पीली क्रांति का सम्बंध तिलहन उत्पादन से है। पीली क्रांति का सर्वाधिक प्रभाव सरसों उत्पादन पर पड़ा।
काली क्रांति- काली क्रांति का सम्बंध सीरा युक्त पेट्रोलियन पदार्थों के उत्पादन से है।
गोल क्रांति- गोल क्रांति का सम्बंध आलू के उत्पादन से है।
मूक क्रांति- मूक क्रांति का सम्बंध मोटे अनाजों के उत्पादन से है। जबकि राज्यों के संदर्भ में मूक क्रांति का सम्बंध मध्य प्रदेष के तिव्रतम विकास से है।
बादामी क्रांति- बादामी क्रांति का सम्बंध मसालों के उत्पादन एवं मसालों के निर्यात से है।
एन.एच. क्रांति - इस क्रांति का सम्बंध स्वर्णिम चतुर्भुज सड़क परियोजना से है। स्मरणीय तथ्य यह है कि स्वर्णिम चतुर्भुज सड़क परियोजना का प्रारम्भ राकेष मोहन समिति की सिफारिष पर किया गया।
अमृत क्रांति- अमृत क्रांति का सम्बंध नदियों को आपस में जोड़ने से सम्बंधित परियोजना से है।
सदाबहार क्रांति- सदाबहार क्रांति का सम्बंध जैव तकनीकि के द्वारा कृषि उत्पादन में बृद्धिसे है।
इन्द्रधनुषी क्रांति- इन्द्रधनुषी क्रांति का सम्बंध पहले से चली आ रही क्रांतियों के सम्मिलित स्वरूप से है।
लाल क्रांति- लाल क्रांति का सम्बंध मांस/टमाटर उत्पादन दोनों से है।

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